Saraswati Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi: माँ सरस्वती जी की आरती
सही विधि, महत्व, लाभ और विद्यार्थियों के लिए विशेष अनुष्ठान
Saraswati Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi and English: माँ सरस्वती जी की आरती विद्या, बुद्धि, स्मरण-शक्ति और वाणी की शुद्धता के लिए अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है। यह आरती विशेष रूप से वसंत पंचमी, परीक्षा काल, अध्ययन-आरंभ, लेखन-कार्य और किसी भी शुभ विद्या-संबंधित अवसर पर की जाती है। नीचे आपको हिंदी व इंग्लिश में संपूर्ण आरती, आरती करने की सही विधि, वैज्ञानिक-आध्यात्मिक महत्व, लाभ, FAQ, और ऑनलाइन पूजा बुकिंग गाइड—सब एक ही जगह मिलेगा।
Saraswati Ji Ki Aarti का महत्व
माँ सरस्वती विद्या की अधिष्ठात्री देवी हैं। शास्त्रों के अनुसार, जहाँ माँ सरस्वती का वास होता है, वहाँ लक्ष्मी (समृद्धि) और गणेश (विघ्नहर्ता) का अनुग्रह स्वतः प्राप्त होता है।
नियमित आरती से:
- एकाग्रता और स्मरण-शक्ति बढ़ती है
- अज्ञान और मानसिक भ्रम दूर होता है
- शिक्षा, लेखन, संगीत और कला में उन्नति होती है

सरस्वती जी की आरती करने की सही विधि (Step-by-Step)
समय: प्रातः ब्रह्म मुहूर्त या सूर्य उदय के बाद
दिन: वसंत पंचमी सर्वोत्तम, अन्यथा बुधवार/शुक्रवार
विधि:
- स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें, पूजा-स्थान साफ करें
- माँ सरस्वती की प्रतिमा/चित्र स्थापित करें
- श्वेत पुष्प, अक्षत, धूप-दीप, नैवेद्य अर्पित करें
- पहले “ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः” का 11/21 बार जप
- तत्पश्चात नीचे दी गई सरस्वती आरती का गायन
- अंत में क्षमा-प्रार्थना और प्रसाद वितरण
Saraswati Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi – सरस्वती माता जी की आरती
|| सरस्वती आरती ||
जय सरस्वती माता,
मैया जय सरस्वती माता ।
सदगुण वैभव शालिनी,
त्रिभुवन विख्याता ॥
जय जय सरस्वती माता…॥चन्द्रवदनि पद्मासिनि,
द्युति मंगलकारी ।
सोहे शुभ हंस सवारी,
अतुल तेजधारी ॥
जय जय सरस्वती माता…॥बाएं कर में वीणा,
दाएं कर माला ।
शीश मुकुट मणि सोहे,
गल मोतियन माला ॥
जय जय सरस्वती माता…॥देवी शरण जो आए,
उनका उद्धार किया ।
पैठी मंथरा दासी,
रावण संहार किया ॥
जय जय सरस्वती माता…॥विद्या ज्ञान प्रदायिनि,
ज्ञान प्रकाश भरो ।
मोह अज्ञान और तिमिर का,
जग से नाश करो ॥
जय जय सरस्वती माता…॥धूप दीप फल मेवा,
माँ स्वीकार करो ।
ज्ञानचक्षु दे माता,
जग निस्तार करो ॥
जय सरस्वती माता…॥माँ सरस्वती की आरती,
जो कोई जन गावे ।
हितकारी सुखकारी,
ज्ञान भक्ति पावे ॥जय सरस्वती माता,
जय जय सरस्वती माता ।
सदगुण वैभव शालिनी,
त्रिभुवन विख्याता ॥
Saraswati Ji Ki Aarti Lyrics in English (Transliteration)
|| Jai Jai Saraswati Mata ||
Jai Saraswati Mata,
Maiyya Jai Saraswati Mata.
Sadgun Vaibhav Shalini,
Tribhuvan Vikhyata.Chandravadani Padmasini,
Dyuti Mangalkari.
Sohe Shubh Hans Sawari,
Atul Tejadhari.Baayein Kar Mein Veena,
Daayein Kar Mala.
Sheesh Mukut Mani Sohe,
Gal Motiyan Mala.Devi Sharan Jo Aaye,
Unka Uddhar Kiya.
Paithi Manthara Daasi,
Ravan Sanhar Kiya.Vidya Gyan Pradayini,
Gyan Prakash Bharo.
Moh Ajnan Aur Timir Ka,
Jag Se Nash Karo.Dhoop Deep Phal Mewa,
Maa Swikar Karo.
Gyan Chakshu De Maa,
Jag Nistaar Karo.Maa Saraswati Ki Aarti,
Jo Koi Jan Gaave.
Hitkari Sukhkari,
Gyan Bhakti Paave.
सरस्वती आरती के प्रमुख लाभ
- विद्यार्थियों की एकाग्रता व स्मरण-शक्ति बढ़ती है
- परीक्षा-भय और मानसिक तनाव में कमी
- लेखन, संगीत, कला व वाणी में शुद्धता
- करियर/व्यवसाय में निर्णय-क्षमता मजबूत
Table: Saraswati Aarti Quick Guide
| विषय | विवरण |
|---|---|
| सर्वोत्तम दिन | वसंत पंचमी |
| मंत्र | ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः |
| पुष्प/वस्त्र | श्वेत |
| नैवेद्य | फल, मिश्री |
| लाभ | विद्या, बुद्धि, एकाग्रता |
| उपयुक्त समय | प्रातः |
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External References
- वैदिक संदर्भ: https://www.vedabase.io
- भारतीय संस्कृति: https://www.culturalindia.net
Saraswati ji ki Aarti FAQ
Q1. Saraswati Aarti करने का सबसे अच्छा समय क्या है?
Saraswati Aarti करने का सबसे उत्तम समय प्रातः सूर्योदय के बाद माना जाता है। विशेष रूप से वसंत पंचमी, बुधवार और शुक्रवार के दिन माँ सरस्वती की आरती करने से विद्या, बुद्धि और एकाग्रता में तीव्र वृद्धि होती है।
Q2. Saraswati Aarti रोज़ करने से क्या लाभ होते हैं?
रोज़ Saraswati Aarti करने से
- स्मरण शक्ति तेज होती है
- पढ़ाई में मन लगता है
- वाणी और लेखन क्षमता सुधरती है
- मानसिक तनाव और भ्रम दूर होता है
यह विद्यार्थियों, लेखकों, कलाकारों और शिक्षकों के लिए अत्यंत लाभकारी है।
Q3. Saraswati Aarti विद्यार्थियों के लिए क्यों आवश्यक मानी जाती है?
माँ सरस्वती विद्या की देवी हैं। Saraswati Aarti करने से विद्यार्थियों को
- परीक्षा में सफलता
- एकाग्रता और आत्मविश्वास
- ज्ञान ग्रहण करने की क्षमता
प्राप्त होती है, इसलिए इसे विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य अनुष्ठान माना जाता है।
Q4. Saraswati Aarti से पहले कौन-सा मंत्र जपना चाहिए?
Saraswati Aarti से पहले “ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः” मंत्र का 11, 21 या 108 बार जप करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।
Q5. Saraswati Ji Ki Aarti घर पर कैसे करें?
घर पर Saraswati Aarti करने के लिए
- स्वच्छ स्थान पर माँ सरस्वती का चित्र या मूर्ति रखें
- सफेद वस्त्र, पुष्प, दीपक और नैवेद्य अर्पित करें
- शुद्ध मन से आरती का गायन करें
यह विधि घर में सकारात्मक ऊर्जा और विद्या का संचार करती है।
Q6. Saraswati Ki Aarti का वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व क्या है?
Saraswati Aarti के दौरान उच्चारण, लय और ध्यान से मस्तिष्क के कॉग्निटिव फंक्शन्स सक्रिय होते हैं, जिससे मानसिक स्पष्टता और फोकस बढ़ता है। आध्यात्मिक रूप से यह अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश प्रदान करती है।
Q7. क्या Saraswati Ji Ki Aarti ऑनलाइन पूजा के माध्यम से भी की जा सकती है?
हाँ, आज के समय में योग्य वैदिक पंडितों द्वारा ऑनलाइन Saraswati Puja और Aarti करवाई जा सकती है, जो विधिपूर्वक और शास्त्रसम्मत होती है तथा घर बैठे समान पुण्य फल प्रदान करती है।
Q8. Saraswati Ji Ki Aarti करने से करियर और व्यवसाय पर क्या प्रभाव पड़ता है?
Saraswati Aarti से
- निर्णय क्षमता मजबूत होती है
- नई स्किल्स सीखने की शक्ति बढ़ती है
- करियर और व्यवसाय में निरंतर प्रगति होती है
विशेषकर शिक्षा, लेखन, मीडिया और कला क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह अत्यंत लाभकारी है।
Q9. Saraswati Ji Ki Aarti में कौन-सी सामग्री आवश्यक होती है?
Saraswati Aarti के लिए
- दीपक, धूप
- सफेद पुष्प
- अक्षत, फल या मिश्री
- वीणा या पुस्तक (प्रतीक रूप में)
का प्रयोग अत्यंत शुभ माना जाता है।
Q10. Saraswati Ji Ki Aarti कितनी बार करनी चाहिए?
यदि संभव हो तो Saraswati Aarti प्रतिदिन एक बार करें। न्यूनतम रूप से वसंत पंचमी और परीक्षा या अध्ययन प्रारंभ से पहले अवश्य करें।
Q11. Saraswati Ji Ki Aarti से कौन-सी बाधाएँ दूर होती हैं?
Saraswati Aarti से
- पढ़ाई में रुकावट
- मानसिक भ्रम
- आत्मविश्वास की कमी
- ज्ञान की कमी
जैसी समस्याएँ धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं।
Conclusion
Saraswati Aarti Lyrics in Hindi और English केवल एक धार्मिक स्तुति नहीं, बल्कि यह विद्या, बुद्धि और जीवन में स्पष्टता प्राप्त करने का शक्तिशाली साधन है। नियमित रूप से माँ सरस्वती की आरती करने से विद्यार्थी, शिक्षक, कलाकार और व्यवसायी सभी को सकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं। यदि आप पूर्ण विधि और वैदिक पद्धति से पूजा कराना चाहते हैं, तो Panditji On Way के माध्यम से ऑनलाइन या ऑफलाइन Saraswati Puja कराकर माँ सरस्वती की विशेष कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
Saraswati Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi & English—सही विधि, लाभ, महत्व और वसंत पंचमी विशेष पूजा गाइड। विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी, ऑनलाइन पंडित बुकिंग के साथ।