उत्तर भारतीय विवाह पूजा सामग्री लिस्ट (Vivah Samagri List): संपूर्ण, प्रमाणिक और तनाव-मुक्त वेडिंग चेकलिस्ट 2026
हिन्दू धर्म के 16 संस्कारों में विवाह संस्कार सबसे पवित्र माना जाता है। यह केवल सामाजिक बंधन नहीं बल्कि अग्नि देव, नवग्रह, पितृ और देवताओं की साक्षी में दो आत्माओं का आध्यात्मिक मिलन है।
इसलिए वैदिक विवाह में प्रयुक्त प्रत्येक वस्तु का आध्यात्मिक और ऊर्जात्मक महत्व होता है।

शास्त्रों में विवाह सामग्री का महत्व
वैदिक विवाह में प्रयुक्त वस्तुओं का उल्लेख
- आश्वलायन गृह्यसूत्र
- पारस्कर गृह्यसूत्र
- मनुस्मृति
जैसे प्राचीन ग्रंथों में मिलता है।
उदाहरण:
- सप्तधान्य – सात लोकों और सात पीढ़ियों का प्रतीक
- नवग्रह समिधा – ग्रह दोष शांति
- लाजा (धान का लावा) – समृद्धि और संतति का आशीर्वाद
- कलश – ब्रह्मांडीय ऊर्जा का केंद्र
इसलिए विवाह में गलत या अधूरी सामग्री अनुष्ठान की पूर्णता को प्रभावित करती है।
सही विवाह पूजा सामग्री लिस्ट क्यों आवश्यक है?
उत्तर भारतीय विवाह (UP, Bihar, MP, Rajasthan Style) में 20 से अधिक प्रमुख विधियाँ होती हैं:
- वर पूजा
- गणेश पूजन
- वरमाला
- कन्यादान
- सप्तपदी
- लाजा होम
- गृह प्रवेश
यदि फेरों के समय लाजा, सप्तमृत्तिका या समिधा न मिले — पूरा कार्यक्रम रुक सकता है।
इसलिए नीचे दी गई मास्टर चेकलिस्ट वैदिक आचार्यों द्वारा प्रमाणित है।
विवाह पूजा सामग्री लिस्ट (संपूर्ण तालिका)
1. सुहाग एवं पवित्र चूर्ण (Tilak & Invocation Items)
| सामग्री | मात्रा |
|---|---|
| रोली / कुमकुम | 50 ग्राम |
| चन्दन पाउडर | 1 डिब्बा |
| अबीर / गुलाल | 50 ग्राम |
| सिन्दूर | 100 ग्राम |
| हल्दी पाउडर | 100 ग्राम |
| रंगीन अक्षत (लाल, पीला, हरा) | 300 ग्राम |
2. हवन सामग्री (Agni Ritual Essentials)
| सामग्री | मात्रा |
|---|---|
| हवन सामग्री मिश्रण | 500 ग्राम |
| आम की लकड़ी | 2 बंडल |
| शुद्ध गाय का घी | 500 ग्राम |
| काले तिल | 500 ग्राम |
| जौ | 500 ग्राम |
| धान का लावा (लाजा) | 500 ग्राम |
| नवग्रह समिधा | 1 पैकेट |
| हवन कुंड | 1 पीस |
3. विशेष जड़ी-बूटियाँ और औषधियाँ
| सामग्री | मात्रा |
|---|---|
| सप्तमृत्तिका | 1 पैकेट |
| पंचरत्न | 1 पैकेट |
| सर्वौषधि | 1 पैकेट |
| सप्तधान्य | 1 पैकेट |
| पीली सरसों | 50 ग्राम |
| सुपारी | 100 ग्राम |
| लौंग | 25 ग्राम |
| इलायची | 25 ग्राम |
| इत्र | 1 शीशी |
4. वस्त्र, धागे और पात्र
| सामग्री | मात्रा |
|---|---|
| मौली / कलावा | 2 बंडल |
| जनेऊ | 10 जोड़े |
| लाल, पीला, सफेद कपड़ा | 1-1 मीटर |
| देवी चुनरी | 2 पीस |
| तांबे का कलश | 2 |
| कांसा थाली व लोटा | 1-1 |
| चौमुखी दीपक | 1 |
| छोटे दीपक | 5 |
5. प्राकृतिक तत्व और प्रसाद
| सामग्री | मात्रा |
|---|---|
| हरी बाँस | 1 |
| केला पेड़ | 1 |
| आम पत्ते | 20 |
| पान पत्ते | 20 |
| पंचपल्लव | 5 प्रकार |
| जटा नारियल | 1 |
| दूर्वा | 10-20 |
| तुलसी | 10-20 |
| दही | 250 ग्राम |
| शहद | 100 ग्राम |
| दोना | 1 बंडल |
| पुष्प | आवश्यकतानुसार |
क्षेत्रीय विवाह सामग्री (Regional Variations)
बिहार शैली विवाह
- पातिल (मिट्टी का पात्र)
- चुमावन सामग्री
- अतिरिक्त पीली सरसों
यूपी शैली विवाह
- विशेष वेदी लकड़ी
- गौरी-गणेश सुपारी संख्या
- विशिष्ट मिठाई आहुति
विवाह में होने वाली सामान्य गलतियाँ
- लाजा भूल जाना
- आम लकड़ी की जगह कोई भी लकड़ी उपयोग करना
- सिंथेटिक जनेऊ खरीदना
- सप्तधान्य सूची से छूट जाना
शादी की तैयारी आसान कैसे करें?
यदि आप स्वयं सामग्री जुटाते हैं तो 5-7 बाजारों में जाना पड़ता है।
इसलिए आजकल लोग सीधे प्रमाणित पंडित सेवा बुक करते हैं जहां सामग्री सहित व्यवस्था मिलती है:
https://www.panditjionway.com/
(Religious Service Platform)
संदर्भ वैदिक जानकारी:
https://www.sanskritdocuments.org/
https://vedicheritage.gov.in/
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FAQs Vivah Samagri List & Wedding Puja Checklist
Q1. विवाह पूजा सामग्री लिस्ट में क्या-क्या आता है?
विवाह पूजा सामग्री में रोली, चन्दन, अक्षत, हल्दी, घी, जौ, तिल, लाजा, समिधा, कलश, नारियल, मौली, जनेऊ, सप्तधान्य, पंचपल्लव, हवन सामग्री और प्राकृतिक प्रसाद शामिल होते हैं।
Q2. उत्तर भारतीय शादी में सबसे जरूरी पूजा सामग्री कौन-सी है?
सबसे आवश्यक सामग्री हैं — हवन कुंड, घी, लाजा (धान लावा), सप्तधान्य, नवग्रह समिधा, कलश, नारियल और जनेऊ। इनके बिना वैदिक विवाह पूर्ण नहीं माना जाता।
Q3. विवाह में लाजा होम का महत्व क्या है?
लाजा होम में दुल्हन का भाई लाजा दुल्हन के हाथों में रखकर अग्नि को अर्पित करवाता है। यह समृद्धि, संतति और दांपत्य सुरक्षा का वैदिक प्रतीक है।
Q4. क्या विवाह पूजा सामग्री पंडित लेकर आते हैं?
अधिकांश प्रोफेशनल वैदिक पंडित 40-60 प्रकार की सामग्री साथ लाते हैं। परिवार को सामान्य प्रसाद, फल और घरेलू बर्तन रखने होते हैं।
Q5. विवाह में सप्तधान्य क्यों रखा जाता है?
सप्तधान्य सात लोक, सात ग्रह ऊर्जा और सात पीढ़ियों के आशीर्वाद का प्रतीक है। इसे मंडप स्थापना और हवन में उपयोग किया जाता है।
Q6. शादी में नवग्रह लकड़ी (समिधा) क्यों जरूरी होती है?
नवग्रह समिधा ग्रह दोष शांति के लिए अग्नि में अर्पित की जाती है ताकि वैवाहिक जीवन में बाधाएँ कम हों।
Q7. विवाह में कलश और नारियल का क्या अर्थ है?
कलश सृष्टि और ऊर्जा का प्रतीक है जबकि नारियल जीवन, समृद्धि और पूर्णता का संकेत देता है।
Q8. क्या बिना हवन के हिन्दू विवाह हो सकता है?
सामाजिक रूप से हो सकता है, लेकिन वैदिक दृष्टि से अग्नि साक्षी के बिना विवाह अधूरा माना जाता है।
Q9. विवाह में कितने जनेऊ रखने चाहिए?
आम तौर पर 8 से 10 जोड़े जनेऊ रखने चाहिए ताकि सभी प्रमुख अनुष्ठान पूर्ण हो सकें।
Q10. शादी के लिए सही हवन लकड़ी कौन-सी है?
शास्त्रों के अनुसार सूखी आम की लकड़ी या नवग्रह समिधा सबसे शुद्ध मानी जाती है।
Q11. रंगीन अक्षत का उपयोग किसलिए किया जाता है?
रंगीन अक्षत से नवग्रह मंडल और देव आसन बनाए जाते हैं, जिससे देवताओं का आह्वान किया जाता है।
Q12. विवाह घर में करना शुभ है या मैरिज हॉल में?
यदि दिशा, मंडप स्थापना और विधि सही हो तो घर में विवाह अधिक शुभ माना जाता है।
Q13. विवाह सामग्री कब खरीदनी चाहिए?
आमतौर पर शादी से 5-7 दिन पहले खरीदना सही रहता है ताकि सामग्री ताजी और शुद्ध रहे।
Q14. क्या हर राज्य में विवाह सामग्री अलग होती है?
मुख्य वैदिक सामग्री समान रहती है, लेकिन बिहार, यूपी और राजस्थान में कुछ अतिरिक्त पारंपरिक वस्तुएं जुड़ती हैं।
Q15. विवाह पूजा सामग्री PDF क्यों उपयोगी है?
यह भूल-चूक रोकती है, समय बचाती है और पूरे विवाह अनुष्ठान को बिना रुकावट सम्पन्न करवाती है।
Q16. क्या विवाह से पहले गणेश पूजा की अलग सामग्री लगती है?
हाँ, गणेश पूजा के लिए दूर्वा, मोदक/लड्डू, सुपारी, कलश, लाल कपड़ा और अक्षत अलग से रखे जाते हैं क्योंकि हर शुभ कार्य गणेश वंदना से प्रारंभ होता है।
Q17. कन्यादान में कौन-सी विशेष सामग्री उपयोग होती है?
कन्यादान में जल पात्र, नारियल, पान, सुपारी, पुष्प, दक्षिणा, वस्त्र और पवित्र जल का उपयोग किया जाता है। इसे विवाह का सबसे महत्वपूर्ण संस्कार माना जाता है।
Q18. सप्तपदी के लिए क्या अलग सामग्री रखनी होती है?
सप्तपदी के लिए सात छोटे ढेर (चावल या सप्तधान्य), घी, अग्नि, समिधा और पवित्र जल आवश्यक होते हैं। प्रत्येक फेरा एक वचन का प्रतीक होता है।
Q19. वरमाला रस्म में पूजा सामग्री की जरूरत होती है क्या?
हाँ, वरमाला से पहले तिलक के लिए रोली, चन्दन, अक्षत और आरती थाली की आवश्यकता होती है।
Q20. विवाह मंडप की स्थापना में कौन-सी सामग्री लगती है?
मंडप स्थापना में बाँस, केले का स्तंभ, आम पत्ते, पंचपल्लव, कलश, नारियल और रंगोली सामग्री उपयोग होती है।
Q21. मधुपर्क क्या है और इसमें क्या लगता है?
मधुपर्क में दही, शहद और घी मिलाकर वर का स्वागत किया जाता है। यह सम्मान और आदर का वैदिक प्रतीक है।
Q22. क्या विवाह सामग्री ऑनलाइन खरीद सकते हैं?
हाँ, आजकल कई धार्मिक प्लेटफॉर्म प्रमाणिक विवाह सामग्री किट प्रदान करते हैं जिससे शुद्धता और पूर्णता सुनिश्चित होती है।
Q23. विवाह हवन कितनी देर चलता है?
सामान्यतः 45 मिनट से 90 मिनट तक, यह विधि और परंपरा पर निर्भर करता है।
Q24. क्या विवाह में तांबे का कलश ही जरूरी है?
शास्त्रों के अनुसार तांबा ऊर्जा संचालक धातु है, इसलिए तांबे का कलश श्रेष्ठ माना जाता है।
Q25. क्या सूखे फूल उपयोग कर सकते हैं?
नहीं, वैदिक विवाह में ताजे पुष्प ही शुभ माने जाते हैं क्योंकि वे जीवंत ऊर्जा का प्रतीक हैं।
Q26. विवाह में पंचामृत कब उपयोग होता है?
देव पूजन और वर सत्कार के समय पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) उपयोग किया जाता है।
Q27. क्या शाम का विवाह अलग सामग्री मांगता है?
नहीं, सामग्री समान रहती है लेकिन दीपक और घी की मात्रा अधिक रखी जाती है।
Q28. क्या बिना पंडित विवाह सामग्री उपयोग कर सकते हैं?
सामग्री उपयोग हो सकती है लेकिन सही मंत्र और विधि के बिना वैदिक फल पूर्ण नहीं मिलता।
Q29. क्या इंटरकास्ट विवाह में भी यही सामग्री लगती है?
हाँ, वैदिक अनुष्ठान समान रहते हैं, केवल कुछ पारिवारिक परंपराएँ बदलती हैं।
Q30. विवाह सामग्री कितने दिन पहले तैयार कर लेनी चाहिए?
कम से कम 3-5 दिन पहले पूरी सूची व्यवस्थित कर लेनी चाहिए ताकि अंतिम समय में कोई वस्तु छूटे नहीं।
निष्कर्ष
उत्तर भारतीय वैदिक विवाह केवल एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं बल्कि जीवनभर के दांपत्य सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक संतुलन की शुरुआत है। सही विवाह पूजा सामग्री लिस्ट का होना अनिवार्य है, क्योंकि प्रत्येक वस्तु देव आह्वान, ग्रह शांति और वैवाहिक स्थिरता से जुड़ी होती है। छोटी-सी भूल — जैसे लाजा, सप्तधान्य या समिधा का न होना — पूरे अनुष्ठान की पूर्णता को प्रभावित कर सकती है।
इसलिए विवाह से पहले प्रमाणिक चेकलिस्ट के अनुसार तैयारी करना सबसे बुद्धिमानी भरा निर्णय है। इससे न केवल तनाव कम होता है बल्कि सभी संस्कार शास्त्रानुसार सम्पन्न होते हैं।
यदि सामग्री जुटाने और विधि की चिंता से बचना चाहते हैं, तो अनुभवी वैदिक पंडित और संपूर्ण सामग्री व्यवस्था के साथ पूजा करवाना सर्वोत्तम विकल्प माना जाता है। सही विधि से सम्पन्न विवाह ही स्थायी सौभाग्य, शांति और समृद्धि का आधार बनता है।
