Holi Geet Lyrics in Hindi – होली के सबसे लोकप्रिय पारंपरिक गीत
फागुन के रंग, गीतों के संग!
यहाँ आपको मिलेंगे पारंपरिक Holi Geet Lyrics, ब्रज की होली, फाग, लोकगीत और भक्ति गीत – पूरी तरह हिंदी में, सरल और गाने योग्य शब्दों के साथ। इस कलेक्शन के साथ अपनी होली पार्टी, पारिवारिक मिलन और धार्मिक आयोजन को बनाइए और भी खास।
होली: रंग, भक्ति और परंपरा का उत्सव
होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि लोक-संस्कृति, भक्ति और सामाजिक समरसता का संगम है। ढोलक की थाप, मंजीरे की छनक और फागुन की मस्ती—इन सबके बिना होली अधूरी लगती है।
अगर आप इस बार देसी अंदाज़ में होली मनाना चाहते हैं, तो ये Holi Geet Lyrics आपकी महफिल में जान डाल देंगे।

क्यों ज़रूरी हैं पारंपरिक Holi Geet Lyrics?
अक्सर हम पुराने लोकगीतों और भजनों के बोल भूल जाते हैं। Panditji on way यह परेशानी दूर कर रहा है—यहाँ आपको मिलते हैं सबसे लोकप्रिय और प्रामाणिक Holi Geet Lyrics, ताकि आप बिना रुके गा सकें।
मुख्य लाभ
- सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण
- भावों की सुंदर अभिव्यक्ति (ब्रज में राधा–कृष्ण का प्रेम, अवध में मर्यादा)
- भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा
- सामूहिक आनंद और भाईचारा
सबसे लोकप्रिय Holi Geet Lyrics (हिंदी में) – विस्तृत संग्रह
होली के रंग तभी पूरे माने जाते हैं जब उनके साथ लोकगीतों, फाग और भक्ति रस का संगम हो। नीचे भारत के सबसे लोकप्रिय और पारंपरिक Holi Geet Lyrics को विस्तार से, सरल हिंदी में प्रस्तुत किया गया है, ताकि आप इन्हें गाने, समझने और महसूस करने—तीनों का आनंद ले सकें।
1. रंग मत डारे रे सावरियां – ब्रज की लोक-होली Holi Geet Lyrics in Hindi
यह गीत ब्रज क्षेत्र की प्रसिद्ध लोक-होली है, जिसमें गोपी की शिकायत और कृष्ण की शरारत का सुंदर चित्रण है। इसमें नोक-झोंक, प्रेम और लोक-जीवन की झलक मिलती है।
रंग मत डारे रे सावरियां
रंग मत डारे रे सांवरिया,
मारो गुर्जर मारे रे,
रंग मत डारे रे…मैं गुर्जरी नादान,
यो गुर्जर मतवालों रे,
रंग मत डारे रे,
रंग मत डारे रे…होली खेले तो काना,
बरसाने में आज्ये रे,
राधा और रुक्मण ने,
सागे लेतो आज्ये रे…घर मत आज्ये रे काना,
सास बुरी छे,
ननंद हठीली माने,
बोलिया मारे रे…चंद्र सखी भज बाल कृष्ण छवि,
हरी चरनन में,
मारो चीत छे रे,
रंग मत डारे रे…
भावार्थ:
इस गीत में गोपी, कृष्ण की रंग-शरारत से बचने का प्रयास करती है, लेकिन अंत में वही प्रेम और भक्ति में रंग जाती है।
2. आज बृज में होली रे रसिया – ब्रज रसिया Holi Geet Lyrics in Hindi
यह ब्रज की सबसे प्रसिद्ध होली रचना है। इसमें पूरे बृजमंडल की होली का सामूहिक और आनंदमय दृश्य दिखाई देता है।
आज बृज में होली रे रसिया
आज बृज में होली रे रसिया,
होरी रे रसिया, बरजोरी रे रसिया॥अपने अपने घर से निकसी,
कोई श्यामल कोई गोरी रे रसिया।कौन गावं के कुंवर कन्हैया,
कौन गावं राधा गोरी रे रसिया।नंद गावं के कुंवर कन्हैया,
बरसाने की राधा गोरी रे रसिया।श्याम वरण के कुंवर कन्हैया प्यारे,
गौर वरण राधा गोरी रे रसिया।कृष्ण के हाथ कनक पिचकारी,
राधा के हाथ कमोरी रे रसिया।उड़त गुलाल लाल भए बादल,
मारत भर-भर झोरी रे रसिया।अबीर गुलाल के बादल छाए,
धूम मचाई रे सब मिल सखिया।चंद्र सखी भज बाल कृष्ण छवि,
चिर जीवो यह जोड़ी रे रसिया।
भावार्थ:
यह गीत राधा-कृष्ण की होली को उत्सव, प्रेम और सौंदर्य के रूप में दर्शाता है।
3. होली खेल रहे बाँके बिहारी – भक्ति होली Holi Geet Lyrics in Hindi
यह भजनात्मक होली गीत वृंदावन और बरसाना में विशेष रूप से गाया जाता है। इसमें भक्ति और आनंद का अद्भुत संगम है।
होली खेल रहे बाँके बिहारी
होली खेल रहे बाँके बिहारी,
आज रंग बरस रहा।
और झूम रही दुनिया सारी,
आज रंग बरस रहा॥अबीर गुलाल के बादल छा रहे हैं,
होरी है होरी है शोर मचा रहे हैं।
झोली भर के गुलाल की मारी,
आज रंग बरस रहा॥देख देख सखियों के मन हर्षा रहे,
मेरे बाँके बिहारी आज प्रेम बरसा रहे।
उनके संग में हैं राधा प्यारी,
आज रंग बरस रहा॥नंदलाला ने धूम मचाई है,
प्रेम भरी होली की झलक दिखाई है।
रंग भर-भर के मारी पिचकारी,
आज रंग बरस रहा॥
भावार्थ:
यह गीत बताता है कि भगवान कृष्ण की होली केवल रंग नहीं, बल्कि प्रेम और भक्ति की वर्षा है।
4. होली खेले रघुवीरा अवध में – अवध की मर्यादित होली Holi Geet Lyrics in Hindi
यह गीत अवध परंपरा का प्रतिनिधि है, जिसमें मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की होली दिखाई गई है।
होली खेले रघुवीरा अवध मा
होली खेले रघुवीरा अवध मा,
होली खेले रघुवीरा॥किनका के हाथ कनक पिचकारी,
किनका के हाथ अबीर झोली,
मोहे होली में कर दियो लाल रे,
ऐसो चटक रंग डारो अवध मा॥राम के हाथ कनक पिचकारी,
सीता हाथ अबीर झोली।
रंग डारो, रंग डारो,
रंग डारो अवध मा॥रंग डारो श्याम खेले होली, रंग डारो,
गोविंदा आला रे आला,
जरा रंग तो ना डाल नंदलाला……..
भावार्थ:
यह गीत होली को संयम, प्रेम और पारिवारिक आनंद के पर्व के रूप में प्रस्तुत करता है।
5. कानुड़ो रंग डार गयो – राजस्थानी फागण Holi Geet Lyrics in Hindi
राजस्थान की होली को फागण कहा जाता है। यह गीत लोक-उत्साह और नृत्य से भरपूर है।
कानुड़ो रंग डार गयो मैं की करू
कानुड़ो रंग डार गयो मैं की करू,
सांवरो रंग डार गयो मैं की करू।बंसी बजावे म्हारो श्याम सांवरो,
जमुनाजी के तीर।
बंसी सुन मैं दौड़ी आऊँ,
मनडो हो गयो अधीर॥ग्वाल बाल संग होली खेलत,
ले रंग लाल गुलाल।
भर-भर रंग पिचकारी मारे,
यो नंदजी को लाल॥अपने ही रंग में रंग गयो,
अब मैं की करू॥कानूडो रंग डार गयो मैं की करू
सांवरो रंग डार गयो मैं की करू
मैं की करू मैं की करू
कानूडो.. कानूडो रंग डार गयो मैं की करू
भावार्थ:
यह गीत दर्शाता है कि कैसे कृष्ण के रंग में रंगकर गोपी स्वयं को भी भूल जाती है।
Holi Geet Lyrics का सांस्कृतिक महत्व
- ये गीत लोक-संस्कृति की जीवित धरोहर हैं
- पीढ़ियों से चले आ रहे भाव, रस और परंपरा को सहेजते हैं
- समाज में प्रेम, एकता और आनंद का संदेश देते हैं
ब्रज, अवध और राजस्थान: होली गीतों की विशेषताएँ
| क्षेत्र | शैली | प्रमुख भाव | लोकप्रिय वाद्य |
|---|---|---|---|
| ब्रज (Vrindavan, Barsana) | रसिया, फाग | प्रेम, शरारत, भक्ति | बांसुरी, ढोलक |
| अवध (Ayodhya) | भक्ति गीत | मर्यादा, शालीनता | ढोलक, मंजीरा |
| राजस्थान | फागण | उत्सव, लोक-उल्लास | चंग (डफ), नगाड़ा |
होली गीतों में वाद्य यंत्रों का जादू
- ढोलक और मंजीरा: उत्तर भारत की होली का प्राण
- चंग (डफ): राजस्थान की पहचान, गहरी गूँज
- बांसुरी: ब्रज के भजनों में आध्यात्मिक मिठास
- नगाड़ा और ताशा: ग्रामीण टोलियों की ऊर्जा
भक्ति का रंग: राधा–कृष्ण और अवध परंपरा
ब्रज की होली में Krishna और Radha के प्रेम, ठिठोली और भक्ति का अद्भुत मेल मिलता है। वहीं अवध की होली में मर्यादा और शांत रस प्रमुख है—दोनों मिलकर होली को समग्र आध्यात्मिक अनुभव बनाते हैं।
-
- Pandit Booking & Puja Services: https://www.panditjionway.com
- External Reference:
- https://www.culturalindia.net (भारतीय संस्कृति)
- https://www.britannica.com (सांस्कृतिक संदर्भ)
Holi Geet Lyrics होली की आत्मा हैं—ये लोक-संस्कृति, भक्ति और सामूहिक आनंद को जोड़ते हैं। ब्रज, अवध और राजस्थान की परंपराओं से निकले ये गीत रंगों के साथ भावनाओं को भी जीवंत करते हैं।
Frequently Asked Questions – Holi Geet Lyrics
Q1. सबसे लोकप्रिय Holi Geet Lyrics कौन-कौन से हैं?
उत्तर:
भारत में सबसे लोकप्रिय Holi Geet Lyrics में “आज बृज में होली रे रसिया”, “होली खेले रघुवीरा अवध में”, “होली खेल रहे बाँके बिहारी”, “रंग मत डारे रे सावरियां” और “कानुड़ो रंग डार गयो” शामिल हैं। ये गीत ब्रज, अवध और राजस्थान की पारंपरिक होली परंपराओं का प्रतिनिधित्व करते हैं और दशकों से होली उत्सव की पहचान बने हुए हैं।
Q2. Holi Geet Lyrics का सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व क्या है?
उत्तर:
Holi Geet Lyrics भारतीय लोक-संस्कृति, भक्ति और सामाजिक एकता का प्रतीक हैं। इन गीतों में Krishna–Radha का प्रेम, अवध में मर्यादा और लोकजीवन की भावनाएँ समाहित होती हैं। ये गीत पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखते हैं और होली को केवल रंगों का नहीं, बल्कि भावनाओं का पर्व बनाते हैं।
Q3. ब्रज की होली के गीत (Braj Holi Songs) इतने प्रसिद्ध क्यों हैं?
उत्तर:
ब्रज की होली के गीत इसलिए प्रसिद्ध हैं क्योंकि उनमें भक्ति (Devotion) और श्रृंगार रस (Romantic Playfulness) का अनोखा संगम मिलता है। इन गीतों में राधा-कृष्ण की लीला, ठिठोली और प्रेमपूर्ण संवाद होते हैं, जो सुनने और गाने वालों को आध्यात्मिक आनंद का अनुभव कराते हैं।
Q4. होली के लोकगीत किन वाद्य यंत्रों के साथ गाए जाते हैं?
उत्तर:
पारंपरिक Holi Geet Lyrics मुख्य रूप से ढोलक, मंजीरा, चंग (डफ), बांसुरी और नगाड़ा के साथ गाए जाते हैं।
- ब्रज और अवध में ढोलक-मंजीरा
- राजस्थान में चंग (डफ)
ये वाद्य यंत्र होली गीतों की ऊर्जा और मस्ती को कई गुना बढ़ा देते हैं।
Q5. क्या Holi Geet Lyrics पूजा और धार्मिक आयोजनों में गाए जा सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, Holi Geet Lyrics केवल मनोरंजन नहीं बल्कि भक्ति संगीत भी हैं। इन्हें होली मिलन, सत्संग, मंदिर आयोजनों और पारिवारिक पूजा में गाया जाता है, जिससे वातावरण सकारात्मक और भक्तिमय बनता है।
Q6. बच्चों और परिवार के लिए कौन से Holi Geet Lyrics सबसे उपयुक्त हैं?
उत्तर:
परिवार और बच्चों के लिए “होली खेले रघुवीरा अवध में”, “आज बृज में होली रे रसिया” और “होली खेल रहे बाँके बिहारी” जैसे गीत सबसे उपयुक्त माने जाते हैं, क्योंकि इनमें शालीन शब्द, भक्ति भाव और सांस्कृतिक मूल्य निहित होते हैं।
Q7. पारंपरिक Holi Geet Lyrics और बॉलीवुड होली गानों में क्या अंतर है?
उत्तर:
पारंपरिक Holi Geet Lyrics लोक-संस्कृति, भक्ति और सामाजिक मूल्यों पर आधारित होते हैं, जबकि बॉलीवुड होली गाने आधुनिक संगीत और मनोरंजन पर केंद्रित होते हैं। पारंपरिक गीत संस्कृति को संरक्षित करते हैं और सामूहिक गायन के लिए उपयुक्त होते हैं।
Q8. Holi Geet Lyrics ऑनलाइन कहाँ पढ़े और गाए जा सकते हैं?
उत्तर:
आप प्रामाणिक और शुद्ध हिंदी में Holi Geet Lyrics Panditji On Way जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक प्लेटफॉर्म पर पढ़ सकते हैं। यहाँ पारंपरिक गीत, भक्ति सामग्री और पूजा से जुड़ी सेवाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं।
🔗 https://www.panditjionway.com
Q9. Holi Geet Lyrics बच्चों को सिखाने से क्या लाभ होता है?
उत्तर:
बच्चों को Holi Geet Lyrics सिखाने से उन्हें भारतीय संस्कृति, भाषा, संगीत और धार्मिक मूल्यों की समझ मिलती है। इससे पारिवारिक जुड़ाव बढ़ता है और लोक-परंपराएँ अगली पीढ़ी तक पहुँचती हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
Holi Geet Lyrics होली के त्योहार की आत्मा हैं। ये केवल गीत नहीं, बल्कि हमारी भारतीय लोक-संस्कृति, भक्ति और परंपराओं की जीवित धरोहर हैं। ब्रज की होली में राधा-कृष्ण का प्रेम, अवध की मर्यादा और राजस्थान के फागण की मस्ती—ये सभी रंग मिलकर होली को एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उत्सव बनाते हैं।
आज के डिजिटल युग में जब त्योहारों का स्वरूप बदल रहा है, तब पारंपरिक Holi Geet Lyrics in Hindi हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखते हैं। सामूहिक रूप से इन गीतों को गाने से न केवल आनंद बढ़ता है, बल्कि भाईचारा, प्रेम और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है।
यह संग्रह उन सभी लोगों के लिए है जो शुद्ध, पारंपरिक और अर्थपूर्ण होली गीत खोज रहे हैं। चाहे पारिवारिक होली मिलन हो, मंदिर का उत्सव हो या सांस्कृतिक कार्यक्रम—ये Holi Geet Lyrics हर अवसर को यादगार बना देते हैं।
हमें आशा है कि यह विस्तृत और प्रामाणिक संग्रह आपकी होली को रंग, रस और भक्ति से भर देगा और आपको अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व महसूस कराएगा।
🌸 आप सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🌸
READ MORE:- HOLI KB HAI 2026 ME AUR HOLIKA DAHAN MUHURAT AUR PUJA
