You are currently viewing Hindu Panchang 22 January 2026 (Thursday / गुरुवार) | Benefits, Muhurat & Spiritual
Hindu Panchang 22 January 2026 Thursday

Hindu Panchang 22 January 2026 (Thursday / गुरुवार) | Benefits, Muhurat & Spiritual

आज का हिन्दू पंचांग | Today’s Hindu Panchang 22 January 2026 (Thursday / गुरुवार)

Vedic Hindu Panchang 22 January 2026 includes Ganesh Jayanti, Vinayak Chaturthi vrat, auspicious muhurat, Rahu Kaal, Thursday Brihaspati remedies, do’s and don’ts, and online puja booking guidance.

Ganesh Jayanti 22 January 2026 माघ शुक्ल चतुर्थी को मनाई जाएगी। इस दिन Vinayak Chaturthi Vrat, Abhijit Muhurat में Ganesh Puja और गुरुवार के Brihaspati उपाय करने से धन, बुद्धि और विघ्नों से मुक्ति मिलती है। शास्त्रानुसार पूजा के लिए Panditji On Way जैसे trusted online platform का चयन करें।

Panditji On Way – First & Largest Online Pooja Booking Portal
Official Website: https://www.panditjionway.com

Hindu Panchang 22 January 2026 Thursday

Introduction | परिचय

वैदिक हिन्दू पंचांग (Vedic Hindu Panchang) भारतीय सनातन परंपरा का आधार है। यह केवल तिथि देखने का साधन नहीं, बल्कि जीवन को ग्रहों, नक्षत्रों और ब्रह्मांडीय ऊर्जा के साथ संतुलित करने का विज्ञान है।
22 जनवरी 2026 का पंचांग विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन गणेश जयंती (Ganesh Jayanti) और विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi) का पावन संयोग है, साथ ही यह दिन गुरुवार, यानी देवगुरु बृहस्पति को समर्पित है।

This blog is designed as a complete SEO-friendly guide for daily Panchang readers, devotees, astrologers, and those planning puja, vrat, or auspicious work.

वैदिक हिन्दू पंचांग – 22 जनवरी 2026 (गुरुवार)

Panchang Details (Ujjain Standard Time)

दिनांक (Date): 22 January 2026
वार (Day): Thursday / गुरुवार
विक्रम संवत्: 2082
अयन: उत्तरायण
ऋतु (Season): शिशिर
मास (Month): माघ
पक्ष: शुक्ल

Tithi (तिथि)

  • चतुर्थी: रात्रि 02:28 (23 जनवरी) तक
  • पंचमी: उसके पश्चात

Nakshatra (नक्षत्र)

  • शतभिषा: दोपहर 02:27 तक
  • पूर्व भाद्रपद: उसके पश्चात

Yoga (योग)

  • वरीयान्: शाम 05:38 तक
  • परिघ: उसके बाद

Important Timings

  • राहुकाल: 02:01 PM – 03:23 PM
  • सूर्योदय: 07:10 AM
  • सूर्यास्त: 06:07 PM
  • ब्रह्ममुहूर्त: 05:25 AM – 06:18 AM
  • अभिजीत मुहूर्त: 12:17 PM – 01:00 PM
  • निशिता मुहूर्त: 12:12 AM – 01:05 AM (23 Jan)

दिशा शूल: दक्षिण दिशा
(महत्वपूर्ण यात्रा से पहले दिशा शूल का विचार आवश्यक)

Ganesh Jayanti & Vinayak Chaturthi – धार्मिक महत्व

गणेश जयंती का महत्व (Importance of Ganesh Jayanti)

माघ शुक्ल चतुर्थी को भगवान श्री गणेश का प्राकट्य दिवस माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन गणेश पूजन करने से:

  • कार्यों में आने वाली बाधाएं समाप्त होती हैं
  • बुद्धि, विवेक और निर्णय शक्ति बढ़ती है
  • धन, व्यापार और शिक्षा में उन्नति होती है

Vinayak Chaturthi Vrat Significance

Vinayak Chaturthi हर महीने आती है, लेकिन माघ मास की चतुर्थी अत्यंत फलदायी मानी गई है। इस दिन व्रत रखकर गणपति पूजन करने से सभी प्रकार के विघ्न शांत होते हैं

शास्त्रीय विशेष नियम (Scriptural Do’s & Don’ts)

चतुर्थी तिथि पर मूली का सेवन वर्जित है।
शास्त्रों में बताया गया है कि चतुर्थी को मूली खाने से धन हानि और आर्थिक अस्थिरता हो सकती है।
(संदर्भ: ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड 27.29–34)

गुरुवार विशेष – Brihaspati Guruvar Remedies

गुरुवार का दिन देवगुरु बृहस्पति (Jupiter) को समर्पित होता है, जो ज्ञान, धर्म, विवाह, संतान और धन के कारक ग्रह हैं।

Tulsi Puja on Thursday

हर गुरुवार तुलसी के पौधे में थोड़ा सा कच्चा गाय का दूध अर्पित करने से:

  • घर में लक्ष्मी स्थिर होती है
  • नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
  • गुरु कृपा प्राप्त होती है

Brihaspati Puja with Aam Tree (आम के वृक्ष की पूजा)

आम का वृक्ष देवगुरु बृहस्पति का प्रतीक माना गया है।

पूजन विधि:

  1. एक लोटा जल लें
  2. उसमें चने की दाल, गुड़, हल्दी, कुमकुम और चावल डालें
  3. निम्न मंत्र का जाप करते हुए आम के वृक्ष की जड़ में अर्पित करें

मंत्र:
ॐ ऐं क्लीं बृहस्पतये नमः

इसके बाद:

  • इसी मंत्र के साथ 5 परिक्रमा करें
  • गुरुभक्ति और सद्बुद्धि की प्रार्थना करें
  • अंत में गुड़ या बेसन की मिठाई चींटियों को अर्पित करें

(स्रोत: लोक कल्याण सेतु, अंक 116)

गुरुवार को क्या न करें (Astrological Restrictions)

  • गुरुवार को बाल कटवाना अशुभ माना गया है
  • तेल मालिश से धन व सम्मान की हानि होती है
  • यदि अत्यावश्यक हो, तो तेल में दूर्वा मिलाकर मालिश करने से दोष समाप्त हो जाता है

Why Daily Panchang Reading is Important (English Explanation)

Daily Panchang helps individuals align their actions with cosmic rhythms. It is essential for:

  • Selecting auspicious Muhurat
  • Avoiding Rahu Kaal & inauspicious periods
  • Planning fasts, rituals, and remedies
  • Understanding planetary influences on daily life

Following Panchang regularly brings clarity, discipline, and spiritual growth.

Online Puja Booking with Panditji On Way

Panditji On Way is India’s First and Largest Online Pooja Booking Portal, trusted by devotees worldwide.

Services Offered:

  • Ganesh Jayanti Puja
  • Vinayak Chaturthi Vrat Puja
  • Brihaspati (Guru) Puja
  • Griha Pravesh, Rudrabhishek, Havan, Jaap
  • Personalized Muhurat & Astrology Consultation

Book authentic Vedic puja with verified pandits across Mumbai, Delhi, Ujjain, Pune, Bangalore, Ahmedabad, USA, Canada, UK and more.

Official Website (Panditji on way):
https://www.panditjionway.com

FAQs for Hindu Vedic 22 January 2026

FAQ 1: Ganesh Jayanti 2026 kab hai aur kaun si tithi ko hoti hai?

Answer:
Ganesh Jayanti 2026 में 22 January 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी। यह पर्व माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को आता है, जिसे Vinayak Chaturthi भी कहा जाता है। यह दिन भगवान गणेश के प्राकट्य का प्रतीक है।

FAQ 2: Ganesh Jayanti aur Ganesh Chaturthi mein kya antar hai?

Answer:
Ganesh Jayanti माघ मास में आती है और इसे भगवान गणेश का जन्म दिवस माना जाता है, जबकि Ganesh Chaturthi भाद्रपद मास में आती है और यह उत्सव रूप में 10 दिनों तक मनाई जाती है। दोनों का उद्देश्य विघ्नहर्ता गणेश की कृपा प्राप्त करना है।

FAQ 3: Vinayak Chaturthi Vrat ka kya mahatva hai?

Answer:
Vinayak Chaturthi Vrat करने से रुकावटें समाप्त होती हैं, आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और बुद्धि-विवेक में वृद्धि होती है। शास्त्रों के अनुसार यह व्रत छात्रों, व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए विशेष फलदायी होता है।

FAQ 4: 22 January 2026 ko kaun sa shubh muhurat hai?

Answer:
22 जनवरी 2026 को Abhijit Muhurat (12:17 PM – 01:00 PM) सबसे शुभ माना गया है। इस समय पूजा, संकल्प, नया कार्य प्रारंभ करना और गणेश पूजन अत्यंत फलदायी होता है। Rahu Kaal (02:01–03:23 PM) से बचना चाहिए।

FAQ 5: Ganesh Jayanti Puja vidhi kya hai?

Answer:
Ganesh Jayanti Puja में प्रातः स्नान के बाद गणेश प्रतिमा या चित्र स्थापित कर दूर्वा, मोदक, लाल फूल और गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ किया जाता है। व्रत रखकर शाम को आरती करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।

FAQ 6: Chaturthi ke din mooli khana kyun mana hai?

Answer:
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार चतुर्थी तिथि पर मूली खाने से धन हानि और आर्थिक अस्थिरता आती है। यह नियम ब्रह्मवैवर्त पुराण में वर्णित है, इसलिए इस दिन मूली का त्याग करना शुभ माना जाता है।

FAQ 7: Guruvar ka Vedic astrology mein kya significance hai?

Answer:
Guruvar (Thursday) देवगुरु बृहस्पति को समर्पित होता है, जो ज्ञान, विवाह, संतान, धर्म और धन के कारक ग्रह हैं। इस दिन व्रत, दान और गुरु पूजा करने से जीवन में स्थिरता और उन्नति आती है।

FAQ 8: Brihaspati ke liye kaun sa upay sabse effective hai?

Answer:
गुरुवार को तुलसी में कच्चा गाय का दूध अर्पित करना और आम के वृक्ष की पूजा करना बृहस्पति को मजबूत करता है। साथ ही “ॐ ऐं क्लीं बृहस्पतये नमः” मंत्र का जप अत्यंत प्रभावी माना गया है।

FAQ 9: Guruvar ko kya nahi karna chahiye?

Answer:
गुरुवार को बाल कटवाना, तेल मालिश और अनावश्यक विलासिता से बचना चाहिए। ये कार्य बृहस्पति के अशुभ प्रभाव को बढ़ा सकते हैं और धन-मान की हानि कर सकते हैं।

FAQ 10: Kya Ganesh Jayanti par online pandit se puja karwa sakte hain?

Answer:
हाँ, Ganesh Jayanti पर online verified pandit से शास्त्रानुसार पूजा करवाई जा सकती है। यह उन लोगों के लिए आदर्श है जो समय की कमी या विदेश में रहने के कारण मंदिर नहीं जा पाते।

FAQ 11: Best aur trusted online puja booking platform kaunsa hai?

Answer:
Panditji On Way भारत का First and Largest Online Pooja Booking Portal है, जहाँ Ganesh Jayanti, Vinayak Chaturthi, Guru Puja, Griha Pravesh और अन्य वैदिक पूजाएँ प्रमाणित पंडितों द्वारा करवाई जाती हैं।

FAQ 12: Daily Panchang padhna kyun zaroori hai?

Answer:
Daily Panchang पढ़ने से शुभ-अशुभ समय, ग्रह स्थिति, राहुकाल और मुहूर्त की सही जानकारी मिलती है, जिससे व्यक्ति गलत समय पर निर्णय लेने से बचता है और जीवन अधिक संतुलित बनता है।

Conclusion

22 जनवरी 2026 का वैदिक हिन्दू पंचांग गणेश जयंती, विनायक चतुर्थी और गुरुवार के शुभ संयोग के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिन शास्त्रानुसार गणेश पूजन, विनायक चतुर्थी व्रत और देवगुरु बृहस्पति के उपाय करने से विघ्नों का नाश, धन-समृद्धि, बुद्धि-विवेक और गुरु कृपा प्राप्त होती है। पंचांग के अनुसार राहुकाल से बचकर अभिजीत मुहूर्त में पूजा एवं शुभ कार्य करना सर्वोत्तम फल देता है।
नियमित रूप से पंचांग का अध्ययन करने से जीवन के निर्णय अधिक सटीक होते हैं और आध्यात्मिक संतुलन बना रहता है। शुद्ध वैदिक विधि से पूजा कराने के लिए Panditji On Way जैसे विश्वसनीय ऑनलाइन पूजा बुकिंग प्लेटफॉर्म का चयन करना आधुनिक युग में सबसे सुरक्षित और प्रभावी समाधान है।

For daily Panchang updates, muhurat, and online puja services, rely on Panditji On Way – where Vedic tradition meets digital trust.